कॉयर उद्यमी योजना से पाए 10 लाख रूपये तक की सब्सिडी

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कॉयर उद्यमी योजना (CUY) सरकार के द्वारा जारी एक योजना है जिसके द्वारा कॉयर निर्माण यूनिट्स की स्थापना के लिए उद्यमियों को परियोजना में होने वाली लागत के लिए सब्सिडी के द्वारा सहायता प्रदान की जाती है. यह योजना सब्सिडी और ऋण का एक मिश्रण है. कॉयर निर्माण यूनिट स्थापित करने के इच्छुक व्यवसायी लोगों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा. इस योजना के क्या – क्या उद्देश्य हैं, इसकी विशेषता क्या हैं एवं इसका लाभ लाभार्थियों को कितना और कैसे मिलेगा इन सभी की जानकारी आपको हमारे इस लेख में मिल जाएगी.

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कॉयर उद्यम क्या है ? (What is Coir Udyam ?)

कॉयर नारियल से मिलने वाला एक प्राकृतिक फाइबर है. कॉयर फाइबर को नारियल के भूसे से निकाला जाता है. कॉयर फाइबर का इस्तेमाल कालीन, ब्रश और गद्दे जैसे उत्पादों के निर्माण में किया जाता है. आपको बता दें कि यह एक रेशेदार पदार्थ होता है जिसे नारियल के कठोर आंतरिक शरीर और बाहरी शरीर के बीच से निकाला जाता है.

कॉयर उद्यम के लिए सरकार द्वारा जारी योजना (Govt. Scheme for Coir Udyam)

कॉयर उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा एक नई योजना लागू की गई है जिसका नाम ‘कॉयर उद्यामी योजना (CUY)’ है. यह योजना एक कॉर्ड लिंक्ड सब्सिडी योजना है जिसमें कॉयर इकाइयों की स्थापना की लागत में होने वाली सम्पूर्ण लागत में से सरकार द्वारा 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाती है. इस योजना के द्वारा सरकार देश में कॉयर उद्योग के विकास को और अधिक सुविधाजनक बनाना चाहती है.

कॉयर उद्यामी योजना के उद्देश्य (Coir Udyami Yojana Objectives)

  • इस योजना का उद्देश्य कॉयर उद्योग के क्षेत्र में कॉयर फाइबर की उत्पादकता में सुधार के लिए उत्पादन और प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी को आधुनिक बनाना है. साथ ही कॉयर उद्योग का आधुनिकीकरण करना है.
  • नारियल का उत्पादन करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करना है.
  • इस क्षेत्र में लगे श्रमिकों की आमदनी को बढ़ाना और उत्पाद की उत्पादकता को बढ़ाना है.
  • नारियल की भूसी का उपयोग, कॉयर फाइबर और कॉयर उत्पादों के उत्पादन को बढ़ावा देना है.
  • महिला सशक्तिकरण के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के लिए भी अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करना है.
  • कॉयर उद्योग में लगे उत्पादकों एवम् श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सशक्त करना है.
  • इस योजना का मुख्य उद्देश्य, विशेष रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, और उत्तर पूर्वी क्षेत्रों में रहने वाले कमजोर वर्गों का विकास करना भी है.
  • नारियल उत्पादक राज्यों के ग्रामीण युवाओं को कॉयर उद्योग की ओर आकर्षित करना और उन्हें इस उद्योग का संपूर्ण प्रशिक्षण देना आदि है.

कॉयर उद्यमी योजना की विशेषताएं और लाभ (Coir Udyami Yojana Features and Benefits)

  • इस योजना में उद्योगपति को कॉयर और कॉयर उत्पादों के उत्पादन और प्रसंस्करण के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने के लिए ऋण दिया जायेगा.
  • उद्योगपति इस योजना से मिलने वाले ऋण के द्वारा अपने उत्पाद की गुणवत्ता को बढ़ा पाएंगे.
  • परियोजना की लागत एवं कार्यशील पूंजी की लागत 25% से अधिक नहीं होगी.
  • इस योजना से केंद्र सरकार देश में सूक्ष्म और छोटे स्तर की कॉयर यूनिट्स के निर्माण में सहायता करेगी.
  • शुरुआत में आवेदक को सम्पूर्ण लागत का केवल 5% का ही भुगतान करना होगा.
  • परियोजना में होने वाली सम्पूर्ण लागत में से आवेदक को सरकार द्वारा 40% की सब्सिडी मिलेगी.
  • शेष 55% की सब्सिडी आवेदक को रियायती शर्तों के द्वारा ऋण के रूप में दी जाएगी.
  • इस परियोजना में कार्यशील पूंजी के लिए ऋण और सब्सिडी को छोड़कर हर प्रकार की लागत के लिए सब्सिडी देने का प्रावधान है.

कॉयर उद्यामी योजना का लाभ उठाने के लिए आवश्यक पात्रता मापदंड (Coir Udyami Yojana Eligibility Criteria)

  • इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और साथ ही साथ आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए.
  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए कोई न्यूनतम आय सीमा निर्धारित नहीं है.
  • इस योजना का लाभ इनवर्गों के लोग उठा सकते हैं जैसे व्यक्ति, कंपनी, गैर-सरकारी संगठन, पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत पंजीकृत संस्थाएँ, उत्पादन सहकारी समितियाँ, संयुक्त देयता समूह और धर्मार्थ ट्रस्ट आदि. 

कॉयर उद्यमी योजना के लिए आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया (Coir Udyami Yojana Application Process)

कोई भी व्यक्ति जो कि सूक्ष्म, मध्यम और लघु उद्योग में शामिल है और इस योजना के लिए पंजीकृत है, कॉयर मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट  पर जाकर ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकता है. कॉयर उद्योग योजना के लिए आवेदन करना अत्यंत ही सरल है. नीचे दिए गए कुछ प्रमुख नाम के दफ्तर में जाकर आप इसका पंजीकरण आसानी से करा सकते हैं :-

  • कॉयर बोर्ड कार्यालय
  • जिला औद्योगिक केंद्र
  • कॉयर प्रोजेक्ट कार्यालय
  • पंचायती राज संस्थाएँ
  • कॉर्ड बोर्ड द्वारा अनुमोदित नोडल कार्यालय

चरण 1: नया लॉगिन पंजीकरण :- इस योजना के लिए सिर्फ पंजीकृत उपयोगकर्ता ही आवेदन करने के लिए लॉगिन कर सकते हैं. नए पंजीकरण के लिए, ‘नया लॉगिन पंजीकरण’ पर क्लिक करें और आवश्यक विवरण भर दें. नई पंजीकरण के लिए उपयोगकर्ता का नाम और पासवर्ड एसएमएस द्वारा उपयोगकर्ता को सूचित किया जाएगा, जिसके द्वारा वह व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के लिए लॉगिन कर सकता है.

चरण 2: लाभार्थी पंजीकरण :- इस चरण में इस योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक व्यक्ति अपना सामान्य रूप से पंजीकरण कर सकते हैं. जिसके बाद इस योजना में रुचि रखने वाले लोग सरकार से सब्सिडी और ऋण प्राप्त करने के योग्य हो जायेंगे.

चरण 3: योजना का चयन :- इस चरण में व्यक्ति कोयर उद्यामी योजना का चयन कर और इस योजना के लिए आवश्यक दस्तावेजों को जमा कर इस योजना के आवेदन पत्र भर सकता है.

कॉयर उद्यमी योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज (Coir Udyami Yojana Required Documents)

  • जेपीईजी प्रारूप में आवेदक की फोटो.
  • पैन कार्ड की कॉपी
  • एमएसएमई (MSME) पंजीकरण प्रमाणपत्र
  • समुदाय प्रमाणपत्र
  • कंपनी पंजीकरण प्रमाणपत्र
  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र जमा करवाना आवश्यक है.
  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को पूंजीगत व्यय, मशीनरी और भवन सहित परियोजना के होने वाली लागत का संपूर्ण विवरण देना होगा.
  • यदि आवेदक बिना सब्सिडी के बैंक से कार्यशील पूंजी द्वारा ऋण प्राप्त करना चाहता है तो उसे कार्यशील पूंजी की विस्तृत रिपोर्ट जमा करवानी होगी.
  • व्यक्तिगत आवेदक के केवाईसी दस्तावेज जैसे कि पहचान प्रमाण पत्र और आवासीय प्रमाण पत्र जमा करवाने होंगे.
  • गैर-व्यक्तिगत आवेदकों के मामले में उपयुक्त पंजीकरण दस्तावेज.
  • कॉयर निर्माण इकाई के लिए प्रस्तावित स्थान के संपत्ति दस्तावेज.
  • कॉयर उद्योग के अनुभव का प्रमाण पत्र.
  • ईडीपी (उद्यमिता विकास कार्यक्रम) द्वारा जारी प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र.
  • औद्योगिक प्रतिष्ठान प्रमाणपत्र (डीआईसी द्वारा जारी).
  • सिविल निर्माण कार्य की योजना और अनुमानित समय सीमा का पूरा विवरण चार्टर इंजीनियर द्वारा प्रमाणित किया होना चाहिए.

एफएक्यूस (FAQ’s)

Q : उद्यमिता विकास प्रमाणपत्र का महत्व क्या है?

Ans : प्रत्येक आवेदक को इस योजना के लिए योग्य होने के लिए उद्योग विकास  योजना (ईडीपी) से गुजरना होगा. क्योंकि कॉयर बोर्ड द्वारा बैंक से ऋण लेने से पहले आवेदक को प्रशिक्षण प्राप्त करना आवश्यक है और इसके साथ ही सक्षम प्राधिकारी के द्वारा  जारी प्रमाण पत्र को भी प्राप्त करना आवश्यक है.

Q : कॉयर उद्योग योजना के लिए मशीनरी खरीदने के लिए कोई मापदंड हैं?

Ans : खरीदी गई मशीनरी को कॉयर बोर्ड द्वारा तय मानदंडों और विशिष्टताओं पर खरा उतरना होगा. अगर ग्रामीण क्षेत्र में कोई कॉयर उद्योग स्थापित किया गया है तो गांव में बिजली की कमी होने के दौरान यूनिट को चालू रखने के लिए व्यक्ति उपयुक्त क्षमता का जनरेटर भी खरीद सकता है.

Q : कॉयर उद्योग योजना के तहत मैं कॉयर उत्पादों का वितरण  कैसे कर सकता हूं?

Ans : सरकार ने कॉयर उत्पादों की व्यापक जागरूकता के लिए एक समर्पित बजट आवंटित किया है. कॉयर बोर्ड कॉयर उत्पादों के वितरण के लिए प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए पैसे खर्च करता है.

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