गोबर मोबाइल चिप क्या है, कैसे मोबाइल रेडिएशन को कम करेगी | Cow dung mobile chip in hindi

गोबर मोबाइल चिप क्या है, कैसे मोबाइल रेडिएशन को काम करेगी (राष्ट्रीय कामधेनु आयोग, गोबर से बने उत्पाद, फायदे) (Cow dung mobile chip in hindi, benefits, items)

कोरोनावायरस की वजह से लोगों के दिलों दिमाग में छोटी-छोटी बीमारियों को लेकर भी डर बैठने लगा है। धीरे-धीरे लोग इम्यूनिटी और हाइजीन से जुड़ी सुरक्षा खाने और अन्य चीजों पर ध्यान दे रहे हैं। जब से कोरोनावायरस भारत देश में आया है तब से चीन से आने वाले सामानों का भी बहिष्कार होने लगा है। चीन के सामान का बहिष्कार हो और देश में ही नई नई वस्तु है बनाए जाएं इसके लिए राष्ट्रीय कामधेनु आयोग बनाया गया। इसी आयोग ने मोबाइल में डालने वाली सिम कार्ड की रेडिएशन से होने वाली बीमारियों को ध्यान में रखते हुए गाय के गोबर से एक चिप तैयार किया है। चलिए राष्ट्रीय कामधेनु आयोग द्वारा जारी किए गए इस चिप के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त कर लेते हैं।

gobar chip in hindi

मोबाइल के लिए गोबर चिप –

दिवाली के त्योहार पर पूरे भारत देश में कितना ज्यादा प्रदूषण होता है इस बात का पता तो आपको पहले से ही है। प्रदूषण को कंट्रोल करने और पर्यावरण को बचाने के लिए ही राष्ट्रीय कामधेनु आयोग ने सोमवार के दिन गाय के गोबर का बना चिप लांच किया। जिसका मुख्य उद्देश्य मोबाइल फोन से निकलने वाली रेडिएशन को कम करना है। आयोग के अध्यक्ष वल्लभ भाई कठेरिया ने एक प्रेस कांफ्रेंस में यह बताया कि उन्होंने इस चिप को लेकर एक्सपेरिमेंट किया है कि यदि इस चिप को मोबाइल के साथ रखा जाता है तो रेडिएशन कम करने में काफी हद तक सहायता मिलती है। रेडिएशन की वजह से आज के समय में लोगों को बहुत सी बीमारियां हो रही हैं और आने वाले समय में बीमारियों से बचने के लिए कोई ना कोई उपाय ढूंढना बेहद जरूरी था।

इसी बात को ध्यान में रखते हुए कामधेनु आयोग ने गाय के गोबर से इस चिप को बनाया है और इसको लॉन्च किया है। दिवाली तक इस चिप को बाजार में लाना और सब लोगों तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

गोबर के बने उत्पाद –

कामधेनु दीपावली अभियान के तहत राष्ट्रीय कामधेनु आयोग ने गाय के गोबर से बनी अन्य वस्तुएं भी तैयार किए हैं। जिनका इस्तेमाल इस दिवाली किया जाएगा ताकि प्रदूषण में कमी लाई जा सके और साथ ही चीन से आने वाले सामान पर रोक लग सके और वह सामान हमारे ही देश में बनाकर बेचे जाएं। राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के अध्यक्ष ने बताया की गाय के गोबर से शुभ लाभ, गो माय दीपक, दिए, मोमबत्तियां, धूप, अगरबत्ती, स्वास्तिक, समरानी हार्ड बोर्ड, हवन सामग्री,  और भगवान गणेश एवं लक्ष्मी की मूर्तियां आदि बनाने का काम प्रारंभ कर दिया गया है जो दिवाली तक पूरा कर लिया जाएगा और दिवाली तक इन सब वस्तुओं को लोगों के घरों तक पहुंचाया जाएगा।

चीन के उत्पादों का होगा बहिष्कार

हर त्यौहार पर लाखों करोड़ों रुपए का सामान चीन से आता है और भारत देश में लोगों द्वारा खरीदा जाता है। परंतु इस बार कामधेनु आयोग ने इस दिवाली को स्वदेशी बनाने का बीड़ा उठाया है और उन्होंने कामधेनु दीपावली अभियान के तहत स्वदेशी उत्पाद निर्मित कर लोगों तक पहुंचाने की घोषणा की है। चीन से आने वाले सभी उत्पादों का बहिष्कार करने और स्वदेश में बनी हुई वस्तुओं को अपनाने के लक्ष्य पर जोर देते हुए उन्होंने विभिन्न प्रकार के उत्पादों का निर्माण करना प्रारंभ कर दिया है। जल्द ही बड़े पैमाने पर इन उत्पादों का निर्माण किया जाएगा और लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

मोबाइल की रेडिएशन से होती है बीमारियां

मोबाइल फोन आज के समय में हर व्यक्ति की आदत बन गया है ऐसे में मोबाइल फोन के रेडिएशन से कई प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं जिसमें से सिर दर्द, सिर में झनझनाहट, लगातार थकान महसूस करना, चक्कर आना, नींद ना आना, आंखों में ड्राइनेस, सुनने में कमी, याददाश्त में कमी, पाचन में गड़बड़ी, अनियमित धड़कन, डिप्रेशन, काम में ध्यान ना लगना, कानों का बचना, जोड़ों में दर्द आदि।

इसके अलावा विशेषज्ञ ने यह भी बताया है कि मोबाइल रेडिएशन से लंबे समय तक जोड़ने की वजह से प्रजनन क्षमता में भी कमी आ जाती है, और कैंसर और ब्रेन ट्यूमर जैसी आशंकाएं भी बढ़ जाती हैं।

बीमारी से भरी रेडिएशन को कम करने के लिए बनाई गई गोबर चिप के फायदे

गाय का गोबर जिसे खराब मानकर आप उससे दूर हो जाते हैं क्या आप जानते हैं वह कितना फायदेमंद होता है। आपने यह तो सुना होगा कि पहले के समय में लोग घर में कोई भी त्यौहार और शुभ अवसर होने पर अपने घर को गोबर से लीपा करते थे परंतु अब जहां पर गोबर होता है उस तरफ हम जाने की सोचते भी नहीं है। परंतु रेडिएशन से होने वाले गंभीर बीमारियों को दूर करने में गोबर कितना ज्यादा सहायक है आज हम आपको बताते हैं। गोबर के फायदे

  • वैज्ञानिकों का मानना है कि गोबर में विटामिन-12 अत्यधिक मात्रा में पाया जाता है जो रेडियोधर्मिता को आसानी से सोख लेता है।
  • गाय का गोबर और गाय मूत्र फसलों के लिए भी कीटनाशक के तौर पर उपयोग में लाया जा सकता है जो बहुत ज्यादा फायदेमंद होता है। यह दोनों ही वस्तुएं रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभाव को खत्म करती है और फसल की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने का काम करते हैं।
  • यदि आपके घर के आसपास गोबर की थोड़ी बहुत भी मौजूदगी हो तो आपके फोन के रेडिएशन को काफी हद तक कम करने में यह सहायक हो सकता है।

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग द्वारा निर्मित किए जाने वाले गोबर के उत्पादों जैसे शुभ लाभ को यदि आप अपने दरवाजे पर चिपकाए और गोबर से बने दीयों को इस दिवाली पर अपने घर में जलाएं। तो आपके घर और घर के आस-पास का माहौल सकारात्मक हो जाएगा जिससे आपको एक सकारात्मक ऊर्जा भी प्राप्त होगी और साथ ही आपके आसपास की बहुत सारी बीमारियां अपने आप कम हो जाएंगी। मोबाइल सिम की रेडिएशन को कम करने का काम राष्ट्रीय कामधेनु आयोग द्वारा बहुत बेहतर रूप से किया जा रहा है जो कि बेहद सराहनीय है क्योंकि यह हमारे वर्तमान और भविष्य को सुरक्षित बना सकती हैं।

Other links –

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *