ऑनलाइन स्टॉक ट्रेडिंग बिजनेस प्लान (लाइसेंस इन्वेस्टमेंट) | Online Stock trading Business Plan

ऑनलाइन स्टॉक ट्रेडिंग (शेयर बाजार) बिसनेस प्लान (लाइसेंस इन्वेस्टमेंट) (Online Stock trading Business Plan [License investment] in hindi)

स्टॉक मार्केट को इक्विटी मार्केट भी कहा जाता हैं. यह मार्केट उन स्टॉक ट्रेडर्स और ब्रोकर्स का हब होता हैं, जो कि बोंड, शेयर और स्टॉक्स को खरीदने और बेचने में भाग लेते हैं. स्टाक मार्केट में व्यापारी वर्ग और गैर-व्यापारी दोनों वर्गों के लोग अच्छे मुनाफे के लिए भाग ले सकते हैं. जिन लोगो में अच्छा बिजनेस सेंस होता हैं वो एक अच्छा स्टॉक ट्रेडर भी बन सकता हैं. बड़े स्टॉक ब्रोकरेज फर्म के अलावा लोग इस मार्केट में पर्सनली भी ट्रेड कर सकते हैं.

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स्टॉक मार्केट काम कैसे करता हैं?? (How does the stock market work?)

इस बिजनेस का तरीका बहुत ही सिंपल हैं. यदि बिना बेसिक्स को समझे ही आपको लगता हैं कि आपको  ट्रेड के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी हैं, तो आप बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं. यह बिलकुल किसी दूकान से कुछ ख़रीदने के जैसा ही हैं. दुकानदार आपको आइटम बेच देता हैं और आप भी पैसे देकर खरीद लेते हैं. स्टॉक मार्केट भी कुछ इसी तरह काम करता हैं, बस यहाँ ये हैं कि जब बोंड या स्टॉक्स के मार्केट प्राइस बढ़ जाती हैं, तो प्रत्येक स्टॉक ट्रेडर अपने बोंड या स्टॉक्सड को वापिस बेच सकता हैं, जब होस्ट कंपनी कोई प्रॉफिट बनाती है, तो शेयर की प्राइस बढ़ जाती हैं. इसी तरह शेयर होल्डर भी शेयर की प्राइस बढ़ जाने पर बांड या स्टॉक्स को बेच सकते हैं. यदि एक शेयर की पहली प्राइस 100 रूपये थी और बाद में 200 हो गयी, तो शेयर होल्डर को हर स्टॉक पर 100 रूपये का मुनाफा हो जाता हैं. कई बार स्टॉक प्रोसेस के नीचे गिरने की भी सम्भावना होती हैं, ऐसी स्थिति में शेयर होल्डर को नुकसान भी उठाना पड़ता हैं

भारत में स्टॉक एक्सचेंज (Stock exchange in India)

भारत में 28 स्टॉक एक्सचेंज है. ये सभी हर राज्य में स्थित हैं. लेकिन मुख्तया 2 स्टॉक एक्सचेंज जो कि पूरे देश के स्टॉक मार्केट को कण्ट्रोल करते हैं, वो हैं बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टोक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया (एनएसई). बीएसई की स्थापना 1875 में प्रेमचन्द रॉयचंद द्वारा की गयी थी. एनएसई तो बाद में 1992 में शुरू हुआ था. यह भी मुंबई में ही स्थित हैं. स्टॉक मार्केट के सभी अनुभवी लोगों के लिए इन दोनों एक्सचेंज में उनके प्रतिनिधि उपस्थित होते हैं

बेसिक्स समझना (Getting the Basics)

प्राथमिक जानकारी हासिल करने के बाद अकाउंट की बात करनी होती है, जिसकी जरूरत हर शेयर ट्रेडर को होती हैं, यदि आप ऑनलाइन ट्रेडिंग में इंट्रेस्टेड हैं तो आपको डीमेट (DEMAT) अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलना पड़ता हैं. ट्रेडिंग अकाउंट ही सर्विंग अकाउंट और डीमेट अकाउंट के बीच एक लिंक बनाएगा. पैसों का विनिमय पहले तो सेविंग और ट्रेडिंग अकाउंट के मध्य ही होगा. सबसे पहले पैसा ट्रेडिंग अकाउंट में जमा होगा. वहाँ से यह पैसा कंपनी के अकाउंट या शेयरहोल्डर के अकाउंट तक पहुंचेगा, यह सब इस बात पर निर्भर करता हैं आप स्टॉक खरीद रहे हैं या बेच रहे हैं. बेहतर तरीके से ट्रांसेक्शन के लिए सभी बांड, स्टॉक्स या शेयर इलेक्ट्रोनिक फॉर्मेट में अपने डीमेट अकाउंट में ही जमा होंगे.

बिजनेस शुरू करने के लिए चरण  (Online Stock trading Buisness Plan in hindi)

अपना ऑनलाइन बिजनेस प्लान करे (Plan your start trading business)

यदि आप ऑनलाइन ट्रेडिंग इंडस्ट्री में अपने पैर जमाना चाहते हैं, तो आपको इसके लिए सबसे पहले जानकारी एकत्रित करनी होगी. यह जरुरी नहीं हैं की बड़ी ट्रेडिंग आर्गेनाइजेशन से ही शुरू किया जाए. आप इसे स्वतंत्र रूप से भी कर सकते हैं.यदि आपके पास प्रॉपर प्लान ना हो, तो आपके लिए ये करना मुश्किल हो सकता हैं क्यूंकि प्लानिंग से आप ना केवल रिस्क के लिए तैयार होते हैं बल्कि आप बिजनेस को और बेहतर तरीके से भी सम्भाल सकते हैं. शेयर ट्रेडिंग में भविष्य का कुछ भी नही सोचा जा सकता हैं, इसमें सब कुछ अनपेक्षित रूप से होता हैं इसलिए आपके पास पहले से प्लानिंग होने पर यदि कुछ गलत होता भी है, तो  आपको सम्भलने के लिए समय मिल सकता हैं.

जानकारी एकत्र करना (Collect necessary information)

यदि आपके पास आवश्यक और बैंक सम्बन्धित जानकारी नहीं हैं, तो आपको इस क्षेत्र में सफलता नहीं मिल सकती. हांलांकि जब आपकी इस क्षेत्र पर पकड़ होगी तो ये आपके लिए आसान हो जायेगा, लेकिन ऐसा शुरूआती दिनों में नहीं होगा. इसके लिए किताबें पढ़े, ऑनलाइन सर्च करे, फाउंडेशन को शुरू करने के लिए ब्रोकर से सलाह ले. यदि आपका आधार मजबूत हैं तो आप ऑनलाइन स्टॉक ट्रेडिंग में सफलता हासिल कर सकते हैं

बिजनेस के लिए पर्याप्त धन की व्यवस्था करे (Arrange capital for the business)

स्टॉक एक्सचेंज में कुछ अचीव करने के लिए कोई फिक्स राशि नहीं होती हैं.भारतीय स्टॉक मार्केट में बहुत प्रकार के शेयर होते हैं. इनकी प्राइस कंपनी के मार्केट स्टेटस पर निर्भर करती हैं. कुछ आर्गेनाइजेशन अपने शेयर प्रीमियम रेट पर बेचते हैं, जबकि अन्य अपना प्रोसेस धीमा रखते हैं. भारत में आपको 100 रूपये से भी कम पैसों से लेकर 1000 रूपये तक के स्टॉक्स भी मिलेंगे. इससे आप स्टॉक ट्रेडिंग जितने चाहे उतने पैसे में शुरू कर सकते हैं. यह महत्वपूर्ण नहीं हैं कि वर्तमान में स्टॉक कितने अच्छे हैं, लेकिन ये जरुरी हैं कि भविष्य में प्राइस बढ़ने की प्रबल सम्भावना हो. केवल अनुभवी व्यक्ति ही कंपनी के कम शेयर प्राइस को समझ सकता हैं.

आवश्यक अकाउंट खोले (Open necessary accounts)

ऑनलाइन ट्रांसेक्शन ने स्टॉक्स खरीदना और बेचना आसान बना दिया हैं. यह ऑनलाइन ट्रेडिंग साइट्स के आने से और आसान हो गया हैं. यदि आपको ऑनलाइन ट्रेडिंग में इंटरेस्ट हैं तो आपके पास रजिस्टर्ड बैंक में एक एक्टिव सेविंग अकाउंट भी होना चाहिए, और डीमेट अकाउंट भी होना चाहिए. इसके अलावा एक तीसरा ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट भी ऑनलाइन स्टॉक ट्रेडिंग के लिए जरुरी हैं. ये अकाउंटस ऑनलाइन भी खोले जा सकते हैं, इसके लिए आपको आवश्यक डाक्यूमेंट्स की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी, इस तरह आपका अकाउंट एक्टिवेट हो जाएगा.

स्टॉक्स पर नजर बनाए रखे (Keep an eye on the stocks)

स्टॉक्स या शेयर खरीदने से पहले आपको मार्केट ट्रेंड को समझना होगा. जब मार्केट में मंदी हो, तो स्टॉक को बेचना समझदारी भरा कदम नहीं हैं, लेकिन शेयर खरीदना अच्छा हो सकता हैं. यह आपको अच्छे शेयर पर पकड़ बनाए रखने में मदद करता है. जब मार्केट उपर हो तभी शेयर को बेचना चाहिए. इससे आपको ज्यादा पैसा मिलेगा. जब तक आपको स्टॉक मार्केट को समझने का अनुभव नहीं मिल जाए, तब तो मार्केट की स्टडी करते रहे, कंपनी की एक्टिविटी पर नजर रखे और इस बारे में एक्सपर्ट क्या कहते हैं वो भी सुनते रहे,

प्रॉफिट के लिए ट्रेड करे (Trade to acquire profit)

एक बार आपने बिजनेस को पूरा समझ लिया और आकर्षक शेयर्स सम्बन्धित जानकारी एकत्रित कर ली तो अब आप काम शुरू कर सकते हैं. स्वतंत्र रूप से काम करने वाले ट्रेडर्स अपनी पसंद के शेयर को बनाए रखने के लिए ओफिशियल ऑनलाइन साइट्स का उपयोग करते हैं. यदि आप प्रॉफिट देने वाले स्टॉक्स को पहचानने में असमर्थ हो तो सीजनल ब्रोकर की मदद ले सकते हैं

घाटे से निराश ना हो (Don’t be bogged down by loses)

शेयर मार्केट में तूफानी उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. क्या शेयर कंपनी के शेयर प्राइस बढ़ेगे या घटेंगे, ये बताना सम्भव हैं? इसमें तो आप केवल विश कर सकते हैं कि ये बढे, जिससे कि आपको मिलने वाले प्रॉफिट की सम्भावना बढ़ जाए. लेकिन इसके विपरीत होना भी सम्भव हैं. वास्तव में स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट करना जुआ खेलने के जैसा हैं. आप इसमें बिलकुल नहीं जानते कि अगले पल क्या होगा. ऑनलाइन ट्रेडिंग में घाटा होना बहुत ही आम बात हैं, लेकिन इससे आपको विचलित नहीं होना चाहिए. सीजन ब्रोकर को ये सलाह दी जाती हैं कि कभी भी शेयर में बड़ा अमाउंट ना इन्वेस्ट करे, केवल उतनी ही राशि लगाए जितने की घाटे के लिए आप तैयार हो. आपके पास वापिस बैलेंस बनाने के लिए हमेशा फण्ड होना चाहिए. लम्बे समय के शेयर में इन्वेस्ट करना सुरक्षित होता हैं क्यूंकि यह नियत समय के बाद प्रॉफिट देता ही हैं. यदि आप बड़ी राशि इन्वेस्ट करने की सोच रहे हैं तो वोलेटाइल मतलब परिवर्तनशील शेयर इसके लिए बिलकुल उपयुक्त नहीं हैं.

प्रॉपर लाइसेंस होना जरुरी हैं (Proper license is a must)

चाहे आप ऑनलाइन ब्रोकरेज है या आप अकेले ही ऑनलाइन ट्रेडिंग सम्भाल रहे हैं ,आपके पास सभी जरुरी डाक्यूमेंट्स होने चाहिए. डीमेट और ट्रेडिंग अकाउंट किसी भी व्यक्ति के पास होना बहुत जरुरी हैं जो ऑनलाइन शेयर को ट्रेड करना चाहता हैं. इसके लिए ये डाक्यूमेंट्स होने बहुत जरुरी हैं

  1. पैन कार्ड (PAN Card)- भारत में डीमेट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलने के लिए व्यक्ति के पास पैन कार्ड होना ही चाहिए. पैन कार्ड नंबर ऑथोरिटी को डीमेट और ट्रेडिंग अकाउंट से ट्रांजेक्शन को ट्रैक करने में मदद करेंगे
  2. पहचान प्रमाण पत्र (Identity  Proof)-डीमेट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलने के लिए पहचान प्रमाण पत्र होना बहुत जरुरी हैं. पैन, वोटर कार्ड,राशन कार्ड या अन्य ऐसे डॉक्यूमेंट भी स्वीकार किया जाएंगे. इसमें व्यक्ति की पिक्चर होना चाहिए.
  3. निवास प्रमाण पत्र (Address proof)- चाहे आप बैंक अकाउंट खोल रहे हो या डीमेट अकाउंट खोल रहे हो आपके पास आपका निवास प्रमाण पत्र होना बहुत जरूरी हैं जिस पर आपका स्थाई और वर्तमान पता दिया हुआ हो. ज्यादातर फोटो आईडी डाक्यूमेंट्स जैसे वोटर कार्ड,पैन कार्ड पर पता दिया हुआ होता हैं
  4. आय प्रमाण पत्र (Income proof)- जब आप शेयर मार्केट में ट्रेडिंग शुरू करते हैं तो आपके पास इनकम का प्रॉपर प्रूफ भी होना चाहिए. टैक्स पेयर, सैलरी डाक्यूमेंट्स, आईटीआर एक्नोलेजमेंट सर्टिफिकेट या बैंक स्टेटमेंट भी प्रूफ में गिने जायेंगे
  5. सेविंग बैंक अकाउंट डिटेल्स (Saving Bank Account Details)- एक्टिव सेविंग अकाउंट का होना बहुत जरुरी हैं. डीमेट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट खोने वाले व्यक्ति को सम्बन्धित डिटेल्स भी देनी पड़ती हैं. इसके लिए कैंसिल किया हुआ चेक या बैंक स्टेटमेंट की फोटोकॉपी भी काफी होगी.

स्टॉक मार्केट शुरू करना मुश्किल होता है. लेकिन प्रॉपर रिसर्च के साथ और एक्सपर्ट्स की गाइडेंस के साथ आपको भी स्टॉक ट्रेडिंग में अच्छी पहचान बन सकती हैं. शेयर और स्टॉक्स से केवल तब ही प्रॉफिट मिलेगा जब आपका निर्णय सही होगा. इस विभाग में सफलता में समय लग सकता हैं लेकिन अनुभव मिलने पर  चीजे खुद-बा-खुद आसान होने लगेगी.

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