प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई PRAGATI की 39वी बैठक (PRAGATI 39th Meeting)

PRAGATI की बैठक, उद्देश्य,महत्वपूर्ण मुद्दे (PRAGATI Meeting, Aim, Important Points)

हाल ही प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई PRAGATI की 39वी बैठक संपन्न हुई है। PRAGATI की बैठक प्रो एक्टिव गवर्नेंस से संबंधित मुद्दों से जुड़ी होती है। आपको बता दे कि PRAGATI एक आईसीटी बेस्ड मॉडल है जो कि मल्टी नेचर्ड है। PRAGATI में केंद्र सरकार के साथ साथ राज्य सरकारों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। तो आइए इस आर्टिकल के माध्यम से समझें कि PRAGATI की 39वी बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा की गई।

PRAGATI meeting in hindi

PRAGATI की 39वी बैठक में क्या चर्चा हुई (Points Discussed in 39th PRAGATI Meeting)

  • PRAGATI की 39वी बैठक में नौ अहम मुद्दों पर चर्चा की गई है।
  • इन मुद्दों में एक स्कीम और आठ प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
  • इन आठ प्रोजेक्ट्स में तीन रेलवे प्रोजेक्ट्स पर चर्चा की गई है।
  • इस बैठक में रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवेज मिनिस्ट्री से जुड़े दो प्रोजेक्ट्स पर भी बहस की गई है।
  • मिनिस्ट्री ऑफ़ पेट्रोलियम और नेचुरल गैस से संबंधित एक प्रोजेक्ट की समीक्षा की गई है।
  • बहस में लाए गए आठों प्रोजेक्ट्स की कीमत करीबन बीस हजार करोड़ रूपये के करीब की है।
  • इन प्रोजेक्ट्स को बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल से जोड़ा गया है।
  • इन मुद्दों के अलावा प्रधानमंत्री ने पोषण अभियान की भी समीक्षा की है।
  • प्रधानमंत्री ने कहा है कि पोषण अभियान को सही तरीके से हर राज्य में चलाया जाए। 
  • प्रधानमंत्री द्वारा सेल्फ हेल्प ग्रुप की भूमिका पर भी प्रकाश डाला है।
  • सेल्फ हेल्प ग्रुप और लोकल आर्गेनाइजेशंस बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य की ओर महत्वपूर्ण योगदान देने में समर्थ हैं और पोषण अभियान को सफल बनाएंगे।

PRAGATI की बैठक क्या है (What is PRAGATI Meeting)

PRAGATI का मतलब प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन होता है। इस प्लेटफार्म को 2015 में प्रधानमंत्री द्वारा लॉन्च किया गया था।PRAGATI एक इंटरएक्टिव माध्यम है। आम जनता की मूलभूत समस्याओं का निवारण करने के लिए PRAGATI एक उचित प्लेटफार्म है। यहां भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं पर चर्चा और उनकी समीक्षा की जाती है।PRAGATI की अब तक की 38वी बैठक तक तीन सौ तीन प्रोजेक्ट्स को डिस्कस किया जा चुका है।

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