दुनिया के सात अजूबे कौन कौन से है उनके नाम

दुनिया के सात अजूबे कौन कौन से है, उन 7 अजूबे के बारे में जानकारी (Information About 7 Wonder of The World in Hindi)

दुनिया भर में सैकड़ों सबसे शानदार प्राकृतिक और मानव निर्मित ऐसी संरचनायें हैं, जोकि लोगों को आश्चर्य चकित कर देती हैं. किन्तु यह संख्या बहुत बड़ी हैं इसलिए न्यू 7 वंडर्स फाउंडेशन ने दुनिया भर में इस तरह की संरचनाओं को वोटों के आधार पर शोर्टलिस्ट किया और फिर टॉप 7 विश्व के अजूबों की सूची तैयार की गई. और इसे दुनिया के 7 अजूबों के नाम से जाना जाने लगा. हालांकि 7 अजूबों की ये सूची पहले भी बनाई गई थी, किन्तु साल 2007 में न्यू 7 वंडर्स फाउंडेशन ने इसमें संशोधन किया और नये 7 अजूबों की सूची बनाई. अब दुनिया की ऐसी 7 आश्चर्य जनक संरचनाएं कौन – कौन सी हैं जो दुनिया की 7 अजूबे कहीं जाने लगी. एवं उसकी विशेषताएं क्या हैं यह सभी जानकारी आप यहां देख सकते हैं.  

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दुनिया के 7 अजूबे (7 Wonder of The World)

दुनिया के 7 अजूबे एवं उसकी विशेषताओं के बारे में पूरी जानकारी इस प्रकार है –

  • कोलोसियम, रोम (The Colosseum, Rome) :-

रोम के प्रमुख पर्यटक आकर्षणों में से एक, कोलोसियम वास्तव में दुनिया के प्रतिष्ठित 7 अजूबों में से एक हैं. कोलोसियम मुख्य रूप से रेत और कंक्रीट से निर्मित दुनिया की सबसे बड़ी रंगभूमि हैं. इसे प्रसिद्ध सम्राट वेस्पासियन द्वारा 70 ईस्वी से 72 ईस्वी के बीच के समय के दौरान निर्मित किया गया था, जिसे पहले फ्लेवियन एम्फीथिएटर के रूप में जाना जाता था. हालांकी डोमिनिटियन फ्लेवियन राजवंश के एक और सम्राट ने बाद में एम्फीथिएटर में कुछ संशोधन किये. और यह आज तक लोगों को आकर्षित करता आ रहा हैं. इसकी कुछ खास विशेषताएं इस प्रकार हैं –

  1. रोम में बनाया गया यह कोलोसियम इस शहर के केंद्र में एक अंडाकार एम्फीथिएटर है. जोकि 620 बाई 513 फीट यानि 189 बाई 156 मीटर हैं. और इसमें वॉल्टो की एक जटिल संरचना है.
  2. कोलोसियम में लगभग एक बार में 80,000 दर्शकों की मेजबानी करने की क्षमता है. मोक सी बैटल, एनिमल हंट्स, प्रसिद्ध लड़ाई रि – एनाक्ट्मेंट्स, एक्सीक्यूशन और पौराणिक नाटक सिर्फ कोलोसियन में आयोजित कुछ सार्वजनिक प्रोग्राम हैं.
  3. रोम में स्थित कोलोसियम में विजिट करने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से अप्रैल का हैं और यह सुबह साढ़े 8 से दोपहर साधे 3 तक खुला रहता है.
  4. रोम में इसके साथ ही आसपास पैंथेऑन मंदिर, रोमन फोरम, त्रेवी फाउंटेन, वैटिकन म्यूजियम आदि आकर्षण के केंद्र हैं.
  • चीन की दीवार, चीन (Great Wall of China, China) :-

जैसा कि देखा जा सकता है कि तेजस्वी चीन की महान दीवार दुनिया के उन 7 आश्चर्यों में से एक है, जिन्हें किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है. यह एक किले की रक्षा के लिए बनाई गई थी. जोकि ईंटों, रेम्ड अर्थ, लकड़ी, पत्थरों और अन्य पदार्थों का एक आदर्श मिश्रण है. इसका निर्माण 7 वीं शताब्दी ईसा पूर्व के दौरान चीनी साम्रज्यों को मंगोलों के आक्रमणों से बचाने के लिए किया गया था. जोकि 2 सह स्राब्दियों तक जारी रहा. इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार है –

  1. चीन की दीवार वास्तव में लगभग 5,500 मील तक फैली हुई है. हालांकि एक विवादित चीनी अध्ययन में यह दावा किया गया है कि इसकी लंबाई 13,170 मील है. किन्तु इसकी यह लंबाई ही इसे दुनिया भर में सबसे आश्चर्य जनक एवं आकर्षक बनाती है. जिसके कारण यह दुनिया के 7 अजूबों में से एक बन गई है.
  2. चीन की यह दीवार 2 समानान्तर दीवारों के रूप में बराबर लंबाई के साथ बनाई गई थी.
  3. इसके आसपास द फोर्बिडन सिटी, टेम्पल ऑफ़ हेवन, टियनानमेन स्क्वायर, समर पैलेस आदि आकर्षण के केंद्र मौजूद हैं.
  4. इसके अलावा यहाँ एक्स्प्लोर बिहाई पार्क, वांगफुजिंग में खरीदारी एवं मटियानु में लंबी पैदल यात्रा करना जैसी कुछ अन्य चीजें भी हैं.
  5. चीन की दीवार में यदि आप भ्रमण करने जाना चाहते हैं तो उसके लिए सितंबर से अक्टूबर तक का समय सबसे अच्छा है. और यहाँ पहुँच कर आप सुबह साढ़े 7 से शाम साढ़े 5 बजे तक विजिट कर सकते हैं.
  • पेट्रा, जोर्डन (Petra, Jordan) :-

जॉर्डन के दक्षिण – पश्चिम रेगिस्तान में स्थित, पेट्रा विश्व प्रसिद्ध पुरातात्विक स्थल है जो कभी नाबेटियन साम्राज्य की राजधानी के रूप में कार्य करता था. यह एक गुलाबी रंग के पत्थर की चट्टानों में तराशा गया है, और उसमें एक कब्र एवं मंदिर का निर्माण किया गया है. अल खज़नेह सभी में सबसे प्रसिद्ध है. इसका निर्माण 312 ईसा पूर्व किया गया था. इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं –

  1. जॉर्डन में स्थित पेट्रा वाटर कन्डिट सिस्टम एवं प्रमाणिक ग्रीक वास्तुकला इस प्राचीन शहर की 2 सबसे उल्लेखनीय विशेषताओं को दर्शाती है, जोकि दुनियाभर में लाखों यात्रियों को आकर्षित करती है. इसे ट्रेज़री के रूप में भी जाना जाता है.
  2. यहाँ के पत्थरों के रंग के कारण पेट्रा को ‘रोज सिटी’ भी कहा जाता हैं, जोकि यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल भी है.
  3. इसके बारे में स्मिथसोनियन पत्रिका में यह दर्शाया गया है कि यह स्थान उन 28 स्थानों में से एक के रूप में सूचीबद्ध है जिसे लोग मरने से पहले देखना चाहते हैं.
  4. यहाँ पहुँचने का सबसे अच्छा समय हैं मार्च से मई का तक महिना. जहाँ आप इसके आसपास स्थित डेड सी, वाडी रम, माउंट नेबो, रोमन थिएटर, अजलोउन कैसल, जॉर्डन संग्राहलय आदि आकर्षण के केंद्र का भी आनंद ले सकते हैं.
  5. यहाँ पर कुछ अन्य चीजें भी प्रसिद्ध हैं वे हैं जॉर्डन रिवर एवं डाना बायोस्फीयर रिज़र्व आदि.
  • माचू पिच्चु, पेरू (Machu Picchu, Peru) :-

यह पेरू के माचू पिच्चु जिले के कज़्को रीजन में स्थित है. और इसका निर्माण 15 वीं शताब्दी में 1450 ईसवीं में हुआ था. पुरातत्वविदों का कहना है कि इंका सम्राट पचाकुति ने इसे बनवाया था. यह साइट एक शहर के रूप में विकसित हुई थी, लेकिन एक सदी के बाद स्पेनिश विजय के दौरान इसे छोड़ दिया गया था. 3 सदी तक स्थानीय लोगों के अलावा इसके बारे में कोई नहीं जनता था, यह पूरी तरह से अज्ञात था. फिर इसकी खोज सन 1911 में एक अमेरिकी खोजकर्ता हिरम बिंघम ने की. इसकी विशेषताएं आपके सामने नीचे दर्शायी गई है –    

  1. इसका निर्माण 2 मीनार की चोटी के बीच किया गया है. जिसे लाइमस्टोन एवं ग्रेनाइट पत्थरों से बनाया गया था. और यह समुद्र तल से 7,970 फीट की ऊंचाई पर स्थित है.
  2. इस साइट पर आप पैदल, ट्रेन या हेलीकॉप्टरों द्वारा पहुँच सकते हैं, अधिकांश विजिटर्स पास के कुज्को से ट्रेन में इस स्थान तक पहुँचते हैं.
  3. यहाँ पहुँचने का सबसे सही समय अप्रैल से अक्टूबर तक का है, आप इस बीच किसी भी समय यहां पर्यटन के लिए आ सकते हैं.
  4. इसके आसपास के आकर्षण के केंद्र में पवित्र घाटी, कोलका घाटी, सक्सयवामन इस्लास बलेस्टास स्थान आदि शामिल है.
  5. यदि आप पेरू में इसके अलावा कुछ और करना चाहते हैं तो यहाँ इंका ट्रेल के माध्यम से लम्बी पैदल यात्रा और बैकपैकिंग का आनंद ले सकते हैं.
  • चिचेन इत्ज़ा, मेक्सिको (Chichen Itza, Mexico) :-

यह बहुत ही पुराना पुरातात्विक स्थल है, जोकि मेक्सिको में युकाटन प्रायद्वीप पर स्थित है. यह एक पूर्व कोलमबियन  सिटी है, जिसे मयान लोगों द्वारा टर्मिनल क्लासिक अवधि के दौरान बनाया गया था. इसलिए इसे मयान सिटी भी कहा जाता हैं. इसका निर्माण 600 ईसा पूर्व में हुआ था. ऐसा माना जाता है कि चिचेन इत्ज़ा प्राचीन समय के प्रमुख शहरों में से एक रहा है, और इस शहर का निर्माण विभिन्न प्रकार की आर्किटेक्चरल शैली का प्रदर्शन करता है. इसके बारे में कुछ खास बातें इस प्रकार हैं –

  1. यह शक्तिशाली शहर कपड़े, शहद और नमक का एक व्यापारिक केंद्र था, जोकि 800 से 1200 ईसा पूर्व तक फला – फूला, और इसने मयान सभ्यता के राजनीतिक और आर्थिक केंद्र के रूप में कार्य किया.
  2. इस साइट पर सबसे परिचित खंडहर एल – कैराकोल है, जो एक जटिल खगोलीय वेधशाला है.
  3. इस चिचेन इत्ज़ा की ऊंचाई 30 मीटर की है. और इसका निर्माण पिरामिड की तरह किया गया है.
  4. इस सिटी में विजिट करने का सबसे सही समय दिसम्बर से मार्च तक का महिना हैं और यहाँ आप सुबह 8:30 से शाम 4:30 तक के बीच कभी भी जा सकते हैं.
  5. यहाँ आसपास के आकर्षण के केंद्र कबह, मैजिशियन का पिरामिड, इक कील, सेंट इल्डेफोनसस कैथेड्रल, एक बालम आदि हैं.  
  • ताज महल, भारत (Taj Mahal, India) :-

ताज महल हमारे भारत देश में स्थित हैं, जिसे हम भारत का गौरव भी कहते हैं और साथ ही इसे प्रेम का प्रतीक भी कहा जाता है. यह 16 वीं शताब्दी में मुगल सम्राट शाहजहाँ ने अपनी प्रिय पत्नी मुमताज की मृत्यु हो जाने के बाद उनकी याद में बनवाया था. यह भारत के उत्तरप्रदेश राज्य के आगरा शहर में स्थित है. यह एक मकबरा है जोकि अब दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित स्मारकों में से एक है. इस महल के निर्माण में 22 साल लगे थे, जिसे 20,000 मजदूरों द्वारा बनवाया गया था. और कहा जाता है कि शाहजहाँ ने इस महल को बनवाने के बाद सभी मजदूरों के हाथ कटवा दिए थे, ताकि इस तरह की संरचना दोबारा न की जा सके. इस महल की विशेषताओं का वर्णन हम यहाँ बिन्दुओं के आधार पर कर रहे हैं.

  1. ताज महल का निर्माण शुद्ध रूप से हाथी दांत के सफेद संगमरमर के पत्थरों से किया गया है. और यह सूर्योदय के दौरान देखने में बहुत ही आकर्षक दिखाई देता है. इस महल की ऊंचाई 73 मीटर है.
  2. इस महल में एक विशाल गुंबद एवं चार छोटे गुम्बद है. इसके साथ ही यहाँ एक पूल के साथ विशाल उद्यान भी शामिल है, जिसे मेहताब बाग कहा जाता है.
  3. अगर आप ताज महल घुमने जाना चाहते हैं तो नवंबर से मार्च तक का समय सबसे अच्छा है यहाँ आप सुबह 8 से शाम 5 बजे तक घूम सकते हैं.
  4. आगरा में आप ताज महल के साथ ही साथ इतिमाद – उड़ – दौलाह का मकबरा, मेहताब बाग, आगरा फोर्ट आदि जगह में भी विजिट कर सकते हैं.
  5. आगरा में आप पर्यटन स्थल, खास महल की यात्रा, किनारी बाजार में खरीदारी और जहांगीर महल में भी घूम सकते हैं. जोकि काफी अच्छे आकर्षण के केंद्र हैं.
  • क्रिस्ट द रिडीमर, ब्राज़ील (Christ The Redeemer, Brazil) :-

क्रिस्ट द रिडीमर की चमत्कारी प्रतिमा तिजुका फारेस्ट नेशनल पार्क में कोरकोवाडो पर्वत के 700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हैं. यह ईसाई समुदाय का प्रतीक है. यह न सिर्फ ब्राजील के रियो के सबसे प्रतिष्ठित स्थलों में से एक हैं बल्कि यह दुनिया की सबसे बड़ी आर्ट डेको प्रतिमा  है. इसका निर्माण प्रथम विश्व युद्ध के बाद ब्राजील के लोगों के ‘ईश्वरहीनता के बुखार’ को ख़त्म करने के लिए रियो डी जनेरियो शहर में सन 1922 से सन 1931 की अवधि के दौरान किया गया था. इसकी विशेषताएं इस प्रकार है –

  1. इस प्रतिमा को हेटर दा सिल्वा कोस्टा, कार्लोस ओसवाल्ड और पौल लैंडोव्सकी द्वारा डिज़ाइन किया गया था.
  2. क्रिस्ट द रिडीमर जी की यह प्रतिमा 98 फीट यानि 30 मीटर लंबी है. जिसमे इसका आधार शामिल नहीं है. इसका आधार लगभग 26 फीट यानि 8 मीटर ऊँचा है, और इसकी बाहरी भुजाएं 92 फीट यानि 28 मीटर है.
  3. यह प्रतिमा कंक्रीट से बनाई गई है. और साथ ही इसे 6 मिलियन टाइल्स से कवर किया गया है. हालाँकि कुछ प्राकृतिक आपदाओं के चलते प्रतिमा में कुछ दरारे आ गई है. सन 2014 में आये तूफ़ान में यीशु के दाहिने हाथ के अंगूठे की नोक टूट गई है.
  4. यहाँ भी आप दिसम्बर से मार्च तक के समय में जा सकते हैं और इस पार्क में भ्रमण करने का समय सुबह 8 से शाम 7 बजे तक का है.
  5. इस प्रतिमा के अलावा यहाँ आसपास के आकर्षण में कोपकाबना बीच, सुगरलोफ पर्वत, इपानेमा, मराकाना स्टेडियम आदि शामिल हैं.
  6. यहाँ पहुँच कर आप सेंटा टेरेसा में ब्राजील की विरासत का गवाह बन सकते हैं, तिजुका फारेस्ट में घूम सकते हैं, लेबलोन में खरीदारी कर सकते हैं.

इन दुनिया के सबसे आश्चर्य जनक 7 अजूबों के अलावा एक ऐसा अजूबा भी है जोकि सबसे पुराने अजूबों में से एक है. किन्तु इसे नये 7 अजूबों की सूची में शामिल नहीं किया गया है. इसके बारे में जानकारी इस प्रकार है – 

  • द ग्रेट पिरामिड ऑफ़ गीज़ा, मिस्र (The Great Pyramid of Giza, Egypt) :-

द ग्रेट पिरामिड ऑफ़ गीज़ा एक सम्माननीय स्टेचू हैं, जिसे खुफु के पिरामिड या चोप्स के पिरामिड के रूप में जाना जाता है. यह मिस्र के गीज़ा नेक्रोपोलिस शहर में स्थित हैं. गीज़ा का यह महान पिरामिड गीज़ा पिरामिड परिसर में मिस्र के 3 पिरामिडों में सबसे बड़ा और सबसे पुराना है. पिरामिड में चौथा राजवंश मिस्र के फिरौन के खुफु है. इसका निर्माण 2584 ईसा पूर्व से 2561 ईसा पूर्व की अवधि के बीच में किया गया था. इसकी कुछ खास विशेषताएं इस प्रकार हैं –

  1. दुनिया के सभी प्राचीन 7 अजूबों में से ग्रेट पिरामिड एक मात्र ऐसा आश्चर्य है जोकि सबसे अधिक प्रसिद्ध है. यह नीचे से मोटा हैं और ऊपर आते – आते यह बिलकुल पतला होता जाता है. द ग्रेट पिरामिड ऑफ़ गीज़ा की दीवार लाइमस्टोन एवं ग्रेनाइट पत्थरों से बनाई गई है.
  2. इस पिरामिड की लम्बाई 7 मीटर हैं और इसका बेस 230.34 मीटर एरिया में फैला हुआ है. साथ ही इस पिरामिड का आयतन 2,583,283 क्यूबिक मीटर है.
  3. द ग्रेट पिरामिड के अंदर 3 चैम्बर हैं, सबसे नीचे वाले चैम्बर को बेडरॉक अपॉन में काटा गया है, जिस पर पिरामिड बनाया गया था. पिरामिड संरचना के अंदर में सबसे ऊपर रानी एवं राजा का चैम्बर हैं.
  4. पिरामिड के आसपास गीज़ा का महान स्फिंक्स, गीज़ा का प्लाटौ, मिस्र का महान संग्रहालय आदि और भी बहुत ही चीजें आकर्षण का केंद्र है.
  5. गीज़ा में ऊंट सफारी, साउंड और लाइट शो, क्वैड बाइकिंग, घुड़सवारी आदि जैसी कुछ अन्य चीजें भी हैं जिसका लोग आनंद उठा सकते हैं.
  6. यहाँ पहुँचने का सबसे अच्छा समय सितंबर से अप्रैल का महिना है.

ये सभी दुनिया की सबसे अधिक आश्चर्य जनक संरचनायें हैं, जोकि प्रकृति एवं मानव द्वारा बनाई गई है. और मरने से पहले लोग इन स्थानों पर पहुंचने का सपना भी देखते हैं. अगर आपका भी यही सपना है तो आप भी इन स्थानों पर अवश्य जाएँ, और अपना सपना पूरा करें.

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