भगवानी देवी डागर का जीवन परिचय [Bhagwani Devi Dagar Biography in Hindi] gold medal, age

भगवानी देवी डागर का जीवन परिचय [जीवनी, जन्म तारीख, जन्म स्थान, उम्र, पेशा, बच्चे, परिवार, गोल्ड मेडल,] Bhagwani Devi Dagar Biography in Hindi [ date of birth, birth place, age, profession, medal, children, husband, family, home town, athlete, sports]

जिसने भी कहा है बिल्कुल सही कहा है कि, एज कभी मेटर नहीं करती है, वो सिर्फ नंबर का काम करती है। किसी को अगर कुछ हासिल करना है तो वो अपनी उम्र नहीं देखता। वो देखता है मुकाम जो उसे हासिल करना होता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया दिल्ली के नजफगढ़ देहात की रहने वाली 94 साल की भगवानी देवी डागर (Bhagwani Devi Dagar) ने। जिन्होंने फिनलैंड वर्ल्ड मास्टर्स एथलिटिक्स चैंपियनशिप में अपने हुनर से गोल्ड मेडल हासिल किया। उन्होंने ये कमाल 100 मीटर की दौड़ में दिखाया जिसमें उन्होंने उस दौड़ तो 24.74 सेकंड में पूरा कर नेशनल रिकॉर्ड कायम किया। इस चैंपियनशिप में उन्होंने एक गोल्ड और दो कांस्य पदक भी अपने नाम किए।इन दादी ने ना केवल रनिंग में कमाल दिखाया बल्कि गोला फेंक और डिसकस थ्रो में भी इतिहास रच दिया।Bhagwani Devi Dagar Biography

भगवानी देवी डागर का जीवन परिचय [Bhagwani Devi Biography in Hindi]

नाम भगवानी देवी डागर
जन्म साल 1928
जन्म स्थान खिड़का गांव, हरियाणा
उम्र 94 साल
पेशा एथलिट
पुरस्कार गोल्ड मेडल, ब्रान्ज मेडल फिनलैंड वर्ल्ड मास्टर्स एथलिटिक्स चैंपियनशिप
वैवाहिक स्थिति विवाहित
बच्चा एक बेटा

 

भगवानी देवी डागर का जन्म साल 1928 को हरियाणा के एक छोटे से गांव सिड़का में हुआ। जहां पर उन्होंने अपना पूरा बचपन बिताया। वहीं एक एक स्कूल में उन्होंने शिक्षा प्राप्त की। भगवानी देवी डागर ज्यादा पढ़ी लिखी नहीं हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके माता-पिता में छोटी उम्र में ही उनकी शादी कर दी। उनके पति 63 साल पहले गुजर गए थे। जिसके बाद वो अपने बेटे हवा सिंह डागरा के साथ अकेले रहती थी। अकेले रहकर ही उन्होंने अपने बेटे की परवरिश की। लेकिन कभी हार नहीं मानी।

भगवानी देवी डागर (Bhavani Devi Dagar) के परिवार में कौन-कौन हैं

भगवानी देवी डागर के पति ने बहुत पहले ही उनका साथ छोड़ दिया था। लेकिन उनके बेटे ने अपने मां को संभाला। उनके परिवार में अब उनका बेटा-बहू, उनका पोता-पोतियां, परपोते आदि सब है। ऐसे में वो अपनी दादी को ऐसे मुकाम में देखकर काफी खुश दिखाई देते हैं और गौरवान्वित महसूस किया करते हैं।

भगवानी देवी डागर (Bhavani Devi Dagar )को ये चीज है काफी पसंद

ऐसा नहीं है कि वो एक एथलिट है तो उन्हें वही चीजे पसंद हैं। इसके अलावा इन दादी को पुराने गाने सुनना भी काफी पसंद हैं। वो जब भी अकेली होती हैं तो एकांत में बैठकर पुराने गाने सुनना काफी पसंद करती हैं।

भगवानी देवी डागर ( Bhavani Devi Dagar को खाने में पसंद है ये चीजे

भगवानी देवी डागर को शुरू से ही घी दूध का काफी शौक रहा है। इसलिए वो खाने में भी वही सबसे ज्यादा पसंद करती हैं। वो पहले भी देसी थी और अब भी देसी ही हैं।

भगवानी देवी ( Bhavani Devi Dagar) की रनिंग प्रेक्टिस

भगवानी देवी सुबह 5 बजे उठकर रनिंग की प्रेक्टिस किया करती थी। उसके बाद वो शाम को भी वही रूटीन फॉलो किया करती थी। ऐसे ही प्रेक्टिस करते-करते उन्होंने अपने आपको इसके लिए तैयार किया। जिसके बाद उन्होंने जोन्ल लेवल से शुरू करके नेशनल और अब अंतर्राष्ट्रीय के लिए खेला। जिसमें उन्होंने जीत हासिल की। इसके साथ ही रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।

भगवानी देवी डागरने लिया चैंपियनशिप में हिस्सा

भगवानी देवी डागर ने इससे पहले भी एक चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। जिसमें उन्होंने 100 मीटर की रेस में हिस्सा लिया था। लेकिन इस बार उन्होंने विश्व रिकॉर्ड तोड़ने के लिए रेस लगाई लेकिन कुछ चंद सेकेंड के कारण ये नहीं हो पाया। जिसके कारण वो विश्व रिकॉर्ड तो नहीं लेकिन नेशनल रिकॉर्ड तोड़ने में कामयाब रही। आपको बता दें कि दादी को इसके लिए प्रेरित करने वाला उनका पोता विकास डागरा है।

भगवानी देवी डागर ने जीते मेडल

भगवानी देवी डागर ने अभी तक एक गोल्ड और दो ब्रान्ज मेडल हासिल किए हैं। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली स्टेट में 3 गोल्ड और चेन्नई नेशनल में 3 गोल्ड मेडल भी हासिल किए हैं। जिसकी चर्चाएं आजकल हर जगह हो रही है।

सोशल मीडिया पर छाई हरियाणा की दादी

इस समय हर तरफ एक ही चर्चा हो रही है हरियाणा की दादी की। हर कोई उनके इस प्रदर्शन की तारीफ किए बिना नहीं रूक रहा है। जिसके कारण उनके लगातार सोशल मडिया फॉलोवर्स बढ़ते जा रहे हैं। हर कोई उनके बारे में जानना चाहता है। उनसे मिलना चाहता है। उनका सबसे ज्यादा क्रेज आज के यूथ में दिखाई दे रहा है। जो उन्हें वायरल करने में लगा हुआ है। अब तो एक हैशटैग भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

भगवानी देवी डागरके विवाद 

हरियाणा की ये दादी किसी भी विवादों में कभी नहीं रही है। ये हमेशा अपने खेल के चलते फेमस रही है। आज भी वही हो रहा है।

भगवानी देवी डागरको आगे बढ़ने की किसने दी हिम्मत

भगवानी देवी डागर को इसकी हिम्मत उनके पोते विकास डागरा ने दी। जिसके बाद ही वो आगे बढ़ पाई और ये मुकाम हासिल कर पाई। आज उन्होंने अपने पोते का सपना पूरा कर लिया है। जिसकी खुशी उनके परिवार में झलक रही है। परिवार का हर सदस्य काफी खुश दिखाई दे रहा है।

खेल मंत्रालय ने दी बधाई

खेल मंत्रालय ने भगवानी देवी डागर को ट्विट कर जीत की बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि, 94 साल की भगवानी देवी ने सबको बता दिया की उम्र एक नंबर है। अगर दिल में जज्बा है तो कुछ भी किया जा सकता है। ऐसा ही उन्होंने करके दिखाया है।

FAQ

Q- भगवानी देवी डागर कहां की हैं रहने वाली?

Ans- हरियाणा की रहने वाली हैं ये दादी।

Q- भगवानी देवी डागर को किसने दी एथलिट बनने की प्रेरणा?

Ans- उनके पोते ने दी एथलिट बनने की प्रेरणा।

Q- भगवानी देवी डागर ने कौन सा तोड़ा रिकॉर्ड?

Ans-भगवानी देवी डागर ने नेशनल चैंपियनशिप का तोड़ा रिकॉर्ड।

Q- भगवानी देवी डागर की क्या है उम्र?

Ans- इस समय वो 94 साल की हैं।

Q- भगवानी देवी डागर ने जीते कौन से मेडल?

Ans- उन्होंने अपने करियर में सबसे ज्यादा गोल्ड मेडल जीते हैं। लेकिन इसके साथ उन्होंने दो ब्रान्ज भी जीते हैं।

 

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