दान की आंखें- क्लर्क से 'महामहिम' उम्मीदवार तक- फर्श से अर्श तक ऐसे पहुंची द्रौपदी मुर्मू

द्रौपदी मुर्मू ओडिशा से किसी प्रमुख राजनीतिक दल या गठबंधन की तरफ से पहली राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हैं

उन्होंने भुवनेश्वर के रमादेवी महिला कॉलेज से ग्रैएजुशन की पढ़ाई पूरी की थी. इसके बाद उन्होंने पहली नौकरी एक क्लर्क की करि थी.

2015 से 2021 तक झारखंड की राज्यपाल के रूप में अपनी सेवा दी.1979 और 1983 के बीच द्रौपदी मुर्मू ने सिंचाई और बिजली विभाग में एक जूनियर क्लर्क के रूप में कार्य किया था.

2004 से 2009 तक ओडिशा विधानसभा में फिर से विधायक के रूप में कार्य किया.

एक मंत्री के रूप में, उन्होंने परिवहन और वाणिज्य, पशुपालन और मत्स्य पालन विभागों का कार्यभार संभाला

2007 में, ओडिशा विधानसभा ने सर्वश्रेष्ठ विधायक के लिए 'नीलकंठ पुरस्कार' से सम्मानित किया. 

वह 1997 में राज्य एसटी मोर्चा में उपाध्यक्ष थीं. 2013 से 2015 तक भाजपा के एसटी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य थीं और 2010 और 2013 में मयूरभंज (पश्चिम) के भाजपा जिला प्रमुख के रूप में कार्य किया.

2006 और 2009 में ओडिशा में भाजपा के एसटी मोर्चा की प्रमुख थीं.

2002 से 2009 तक भाजपा एसटी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य रहीं.

राष्ट्रपति चुनाव 2022 में कुल 4,809 मतदाता मतदान करेंगे अगले राष्ट्रपति को चुनने के लिए मतदान 18 जुलाई को होगा.

वोटों की गिनती 21 जुलाई को होगी वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को पूरा हो रहा है.

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