भगवान परशुराम जयंती

भगवान परशुराम जिन्हें विष्णु जी का छठा अवतार कहा जाता है. परशुराम जयंती वैशाख माह के शुक्ल पक्ष तृतीया को मनाई जाती है. अक्षय तृतीया को परशुराम जयंती के रूप में बनाया जाता है.

भगवान परशुराम का जन्ममाथुर चतुर्वेदी ब्राह्मणों के ‘इतिहास-लेखक’ के अनुसार भगवान परशुराम का जन्म 5142 वि.पू. वैशाख शुक्ल तृतीया के दिन रात्रि के प्रथम प्रहर में हुआ था.

परशुराम जी ने अपने बाल्य जीवन में भोलेनाथ की महा तपस्या की जिससे उनका नाम परशुराम पडा.

परशुराम के अनेक नाम जैसे – रामभद्र, भृगुपति, भागर्व, भृगुवंशी से जाना जाता है.

परशुराम जयंती क्यों मानते है ? इस दिन शुभ मुहूर्त देखे बिना ही कार्य किए जाते हैं क्योकि इस दिन को शुभ माना जाता है. परशुराम जयंती को हिंदुओं द्वारा समर्पण और उत्साह के साथ मनाया जाता है.

भगवान परशुराम का जन्म 6 उच्च ग्रहों के योग में हुआ, इसलिए वह तेजस्वी, वर्चस्वी, और ओजस्वी महापुरुष बने.

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