शहीद भगत सिंह का लिखा पत्र बना इंकलाब की आवाज़! 

अपने खत में भगत जी ने लिखा कि वह भी जीना चाहते हैं इस बात को छुपाना भी नहीं चाहते।

उन्होंने कहा कि वे सिर्फ एक ही शर्त पर ज़िंदा रह सकते हैं और वह यह कि अब वे कैद या पाबंद होकर जीना नहीं चाहते। 

भगत सिंह ने अपने खत में लिखा कि अब उनका नाम हिंदुस्तानी क्रांति का प्रतीक बन चुका है।

बड़े गर्व के साथ उन्होंने कहा कि वे बड़े ही भाग्यशाली हैं कि उन्हें "अपने देश के लिए" मरने का मौका मिल रहा है। 

भगत सिंह जी ने कहा कि उन्हें खुद पर बहुत गर्व है कि अब अपने देश के लिए उनकी अंतिम परीक्षा आने वाली है जिसके लिए वह बड़े बेताब हैं।

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