शहीद दिवस पर शायरी के ज़रिए करते हैं शहीदों को सलाम...

"तेईस मार्च का दिन हर भारतीय से कुछ कहता है...  देह नश्वर भले ही हो, पर बलिदान अमर बन रहता है...  

इस दिवस, कुछ देश दीवानो ने फंदों को गले लगाया था....  भरने को ज्वार आत्म गौरव का हममें,   निज माटी का महत्व बताया था!...."

"कुछ  लाल कभी ना घर को लौट सके ताकि आज़ादी की आबोहवा हमें मयस्सर हो... कुछ लाल कभी ना घर को लौट सके ताकि बंदिशों का हमपर न कभी कोई असर हो!"

"सुनो आज हर भारतवासी ये आज़ादी नहीं आराम से आ मिली..... देने को हमें ये सौगात कितनों ने पाई है फांसी!"

"आओ आंखों में आभार को अश्रु का रूप देते हैं,  आओ नमन को कृतज्ञता का प्रारूप देते हैं....  शहीद दिवस के इस अवसर पर अर्पित करते हैं श्रद्धांजलि उन्हें  जो दे हमें शीतल छांव, अपने जीवन में कठोर धूप लेते हैं!"

शहीद भगत सिंह, सुखदेव एवम राजगुरु के जीवन वृतांत को विस्तार से नीचे पढ़े:

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