राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2023, निबंध, थीम (National Voter’s Day Essay in Hindi)

राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2023, क्या है, निबंध, थीम, कब मनाया जाता है, इतिहास, कैसे मनाते हैं, क्यों मानते हैं, (National Voters Day Essay in Hindi) (Date, Theme, in India)

हमारे देश में अलग-अलग प्रकार के त्यौहार और दिवस आते ही रहते हैं, जिनका अपना अलग-अलग महत्व होता है और उनका अपना एक अलग ही उद्देश होता है। इसी प्रकार से हर साल नेशनल वोटर्स डे नाम का दिवस भी हमारे देश में मनाया जाता है, जो मुख्य तौर पर भारतीय इलेक्शन कमिशन और भारतीय मतदाताओं को समर्पित होता है। नेशनल वोटर्स डे को मनाने की घोषणा हमारे देश में आज से लगभग 11 से 12 साल पहले ही की गई है, और तब से लेकर के हर साल नेशनल वोटर्स डे देश भर में मनाया जाता है। इस दिन चुनाव आयोग के द्वारा अलग-अलग प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि “नेशनल वोटर्स डे क्या है” और “नेशनल वोटर्स डे कैसे मनाते हैं” तथा “नेशनल वोटर्स डे को हिंदी में क्या कहते हैं।”

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राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2023 (National Voters Day in Hindi)

दिवस का नामनेशनल वोटर्स डे
अन्य नामराष्ट्रीय मतदाता दिवस
आयोजित तारीख 25 जनवरी
2023 में आयोजन25 जनवरी 2023, दिन बुधवार
उद्देश्यमतदान के प्रति लोगों को जागरूक करना
संबंधित संस्थाभारतीय इलेक्शन कमीशन
कब से मनाया जा रहा है2011
किसने घोषणा कीतत्कालिक राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल जी ने

राष्ट्रीय मतदाता दिवस क्या है (National Voters Day)

राष्ट्रीय मतदाता दिवस को नेशनल वोटर्स डे भी कहा जाता है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस को हर साल देश में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। हमारा भारत देश एक लोकतांत्रिक देश है। इसीलिए देश में मतदान को लेकर के कम होते हुए इंटरेस्ट को तेजी से बढ़ाने के लिए हर साल नेशनल वोटर्स डे मनाया जाता है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाने के लिए भारत के चुनाव आयोग के द्वारा लोगों को प्रोत्साहित किया जाता है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस क्यों मनाया जाता है (Why National Voters Day is Celebrated)

राष्ट्रीय मतदाता दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योकि चुनाव आयोग चाहता है कि देशभर में मौजूद सभी वोटिंग सेंटर वाले इलाकों में हर साल उन सभी वोटर की पहचान की जाए जिन्होंने 18 साल की उम्र को पूरा कर लिया है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय मतदाता दिवस के मौके पर देश के कई इलाकों में लोगों के नाम वोटर लिस्ट में शामिल किए जाने के लिए कैंप का आयोजन किया जाता है, जिसमें जाकर के 18 साल अथवा उससे अधिक की उम्र के लोग अपना नाम अपने राज्य की वोटर लिस्ट में डलवा सकते हैं। इसी मौके पर वोटर को एक बैज भी प्रदान किया जाता है, जिस पर “मतदाता बनने पर गर्व है मतदान को तैयार है” का नारा छपा हुआ होता है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुरुआत (National Voters Day Start)

साल 2011 में भारत की तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी पाटिल के द्वारा 25 जनवरी के मौके पर राष्ट्रीय मतदाता दिवस को मनाने का शुभारंभ किया गया था। तब से यह हर साल मनाया जा रहा है. साल 2023 में दिन बुधवार अर्थात 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस अर्थात नेशनल वोटर्स डे मनाया जाएगा।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस का इतिहास (National Voters Day History)

इस बात से आप भली-भांति परिचित है कि हमारा देश साल 1947 में 15 अगस्त के दिन अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ था और उसके बाद साल 1950 में हमारे देश में 25 जनवरी के मौके पर ही भारतीय इलेक्शन कमिशन अर्थात चुनाव आयोग की स्थापना की गई थी, जिसका काम देश में विभिन्न नेशनल और राज्य स्तर के चुनाव को बिना किसी परेशानी के पूरा करवाना होता है। इस प्रकार से साल 2011 में चुनाव आयोग के 61 वें स्थापना दिवस के मौके पर प्रतिभा पाटिल के द्वारा जब राष्ट्रीय मतदाता दिवस की घोषणा की गई तो उसके पश्चात से ही नेशनल वोटर्स डे इंडिया में मनाया जाने लगा। यह दिन मुख्य तौर पर भारतीय इलेक्शन कमिशन को समर्पित होता है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उद्देश्य (National Voters Day Objective)

राष्ट्रीय मतदाता दिवस का मुख्य उद्देश्य है भारतीय मतदाताओं को जागरूक करना। जैसा कि आप जानते हैं कि हमारे देश में समय-समय पर विभिन्न प्रकार के चुनावों का आयोजन होता रहता है। परंतु चुनावों के प्रति उदासीनता की वजह से कई वोटर मतदाता लिस्ट में अपना नाम होने के बावजूद भी वोट देने के लिए नहीं जाते हैं, जिसकी वजह से कभी-कभी अयोग्य व्यक्ति भी चुनाव जीत जाता है और इसका खामियाजा वोटर को भुगतना पड़ता है। इसलिए देश में नेशनल वोटर्स डे का आयोजन किया जाता है, जिसका मुख्य मकसद होता है मतदाता को अपने वोट के अधिकार के बारे में बताना और उन्हें किसी भी प्रकार के चुनाव में वोट देने के लिए प्रोत्साहित करना, क्योंकि लोकतांत्रिक देश में रहने की वजह से हमारा यह फर्ज बनता है कि हम अपने अधिकार का इस्तेमाल करें और योग्य व्यक्ति को अपना अमूल्य मत दान करें। भारतीय लोगों को लोकतांत्रिक देश के प्रति उनके कर्तव्य की याद दिलाने के लिए भी राष्ट्रीय मतदाता दिवस अर्थात नेशनल वोटर्स डे मनाया जाता है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस कैसे मनाया जाता है (National Voters Day Celebration)

नेशनल वोटर्स डे के मौके पर देशभर में जितने भी वोटिंग सेंटर मौजूद है उन सभी जगह पर पात्र वोटर की पहचान करने का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसके अंतर्गत ऐसे लोगों को शामिल किया जाता है जिनकी उम्र 18 साल पूरी हो चुकी है या फिर जिन्होंने 18 साल से भी अधिक उम्र को पूरा कर लिया है। इसमें महिलाएं, पुरुष शामिल होते हैं। इसके बाद इन लोगों के नाम को उनके राज्य की वोटर लिस्ट में शामिल किया जाता है और उसके पश्चात उन्हें वोटर आईडी कार्ड अर्थात निर्वाचन फोटो पहचान पत्र प्रदान किए जाते हैं। इसके साथ ही साथ हर साल नेशनल वोटर्स डे के मौके पर लोगों को अपने मत का इस्तेमाल करने की शपथ भी दिलाई जाती है, ताकि वह एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर लोकतंत्र की रक्षा के लिए जागरूक हो और योग्य व्यक्ति को ही अपने अमूल्य वोट का योगदान दें।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस थीम 2023 (National Voter’s Day Theme)

हर साल राष्ट्रीय मतदाता दिवस के दिन किसी विषय के आधार पर लोगों को जागरूक एवं प्रोत्साहित किया जाता है. पिछले साल यानि सन 2022 में राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम ‘समावेशी, सुगम एवं सहभागी निर्वाचन की ओर अग्रसर’ थी. अब साल 2023 में किस विषय के आधार पर लोगों को जागरूक किया जायेगा इसकी जानकारी जल्द ही आयोग द्वारा दी जाएगी.

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FAQ

Q : राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2022 थीम क्या थी?

Ans : समावेशी, सुगम एवं सहभागी निर्वाचन की ओर अग्रसर

Q : राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2023 की थीम क्या है?

Ans : जल्द ही घोषित होगी.

Q : सर्वप्रथम मतदाता दिवस कब मनाया गया?

Ans : 25 जनवरी 2011

Q : क्या भारत का कोई भी नागरिक मतदाता बन सकता है?

Ans : अगर उसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक है तो बन सकता है।

Q : मतदाता दिवस कब मनाया जाता है?

Ans : हर साल 25 जनवरी को

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